Rajeev kumar

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लेखनी कहानी -30-Sep-2022

अपना ग़म पीकर 
महफ़िल में चले आये 
ज़ख्मों को सीकर 
महफ़िल में चले आये 
खुद को लगाने को ठोकर 
महफ़िल में चले आये 
कई अपनों को खोकर 
महफ़िल में चले आये .

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4 Comments

Khushbu

05-Oct-2022 04:16 PM

Nice

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Swati chourasia

01-Oct-2022 08:13 PM

Nice

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Gunjan Kamal

01-Oct-2022 12:59 AM

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति 👌👌

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